उत्तर प्रदेश एंव बिहार की सीमा पटे अनि पिछड़े विकास खण्ड-भटनी,जिला देवरिया गांव सल्तनहपुर में पैदा हुए, पूजनीय स्व0 राम गुलाम राय जी के जीवन मूल्य, सामाजिक सरोकारों एवं गाँधीवादी आदर्शो को चरितार्थ करने के लिए स्थापित श्राम गुलाम राय राजा देवी बेरिटेबल दृस्ट , गोरखपुर द्वारा परम पूजनीय गुरू गोरक्षनाथ की तपोस्थली गोरखपुर महानगर के पूर्वी छोर पर श्री सत्य नारायण भगवान के आशीर्वाद से " राम गुलाम राय शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय " गोरखपुर की स्थापना 24 नवम्बर 2010 को हुई। बाजारीकरण के दौर में जहाँ सर्वत्र मोल-भाव की संस्कृति प्रभावी है तो शिक्षा जगत भी उससे अछूना नहीं है। परिणामस्वरूप आज शिक्षिण वर्ग पथ-भ्रमित हो चला है। मूल्यपरक, गुणात्मक, सर्वग्राही एवं सर्वस्पर्शी शिक्षा का प्रायः लोप होता जा रहा है जो कभी मानव में अन्तः सम्बन्ध विकसित करने का श्रेष्ठ माध्यम था। वर्तमान परिस्थिती में सामाजिक मूल्य, शैक्षिक मूल्य, शिक्षक-छात्र सम्बन्ध प्रश्न चिन्ह के दायरे में है। गिरते सामाजिक स्तर, धनलिप्स की भावना, सम्बन्धों मे व्याप्त दूरूहता एवं जीवन-दर्शन का अभाव आज सर्वाधिक समस्या है।

 


 निराशा भरे वातावरण में महाविद्यालय मूल्यों के क्षरण को रोकने की प्रबल आंकाक्षा लिचे शिक्षा जगत में नूतन प्रयोगों के साथ सामाजिक एवं पारम्परिक मूल्यों को सहेज कर नवीन शैक्षिक पद्धति को विकसित करने के लिए कटिबद्ध है ताकि शैक्षिक अवमूल्यम का दौर समाप्त एवं शिक्षा मानवीय चेतना के विकास के साथ-साथ सर्वस्पर्शी एवं सर्वग्राही हो सकें तथा सामाजिक एवं शैक्षिक मूल्यों की स्थापना की जा सकें।
सधन्यवाद।

उमा शंकर राय​